Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Portable Full

शत्रुंजय के तीर्थाधिपति भगवान ऋषभदेव के प्रति पूर्ण समर्पण。

पुंडरीक स्वामी और उनके 5 करोड़ मुनियों ने यहाँ मोक्ष प्राप्त किया था, जिसके कारण इस पर्वत का नाम "पुंडरीकगिरि" पड़ा। palitana 5 chaityavandan in hindi full

: It marks the beginning of the spiritual journey, acknowledging the countless souls who attained liberation on this hill. प्रगट नाम पुंडरीक जास

- पंचम चैत्यवंदन जेनी अचिरा माय

"अदीश्वर जिनरायनो, गणधर गुणवंत; प्रगट नाम पुंडरीक जास, महिमाए महंत।"

इस लेख में हम को पूर्ण पाठ (संस्कृत/प्राकृत) के साथ, सरल हिंदी अर्थ और विधि सहित प्रस्तुत कर रहे हैं।

शांति जिनेश्वर सुमरीए, जेनी अचिरा माय,विश्वसेन कुल उपन्यो, मृग लांछन पाय।गजपुरी नगरीनो धणी, कंचन वरणी छे काया,धनुष चालीशवार देहड़ी, लाख वरस नुं आया।